kushagra

मातृ नवमी पर किसका श्राद्ध किया जाता है? | Whose Shradh is performed on Matru Navami?

मातृ नवमी पर किसका श्राद्ध किया जाता है? मातृ नवमी पितृ पक्ष की नवमी तिथि को आने वाली एक महत्वपूर्ण श्राद्ध तिथि है। इस दिन विशेष रूप से परिवार की दिवंगत माताओं और महिला पूर्वजों का स्मरण किया जाता है। माता के साथ दादी, नानी और अन्य दिवंगत महिला रिश्तेदारों के लिए भी परिवार की […]

मातृ नवमी पर किसका श्राद्ध किया जाता है? | Whose Shradh is performed on Matru Navami? Read More »

मातृ नवमी श्राद्ध विधि | Matri Navami Shradh Vidhi

मातृ नवमी श्राद्ध विधि मातृ नवमी पितृ पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाने वाली महत्वपूर्ण श्राद्ध तिथि है। इस दिन दिवंगत माताओं, दादी, नानी और परिवार की अन्य महिला पूर्वजों का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाता है। मातृ नवमी पर श्राद्ध करने का मुख्य उद्देश्य दिवंगत मातृ पक्ष के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना

मातृ नवमी श्राद्ध विधि | Matri Navami Shradh Vidhi Read More »

मातृ नवमी की पूजा विधि | Rituals for Matru Navami Puja

मातृ नवमी की पूजा विधि मातृ नवमी पितृ पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाने वाली महत्वपूर्ण श्राद्ध तिथि है। इस दिन दिवंगत माताओं, दादी, नानी और परिवार की अन्य महिला पूर्वजों का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाता है। मातृ नवमी की पूजा विधि में तर्पण, श्राद्ध, भोजन और दान जैसे कर्म परिवार की परंपरा के

मातृ नवमी की पूजा विधि | Rituals for Matru Navami Puja Read More »

मातृ नवमी का महत्व | Significance of Matru Navami

मातृ नवमी का महत्व मातृ नवमी पितृ पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाने वाली महत्वपूर्ण श्राद्ध तिथि है। इस दिन विशेष रूप से दिवंगत माताओं और परिवार की महिला पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद किया जाता है। माता, दादी, नानी और अन्य दिवंगत महिला सदस्यों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए इस

मातृ नवमी का महत्व | Significance of Matru Navami Read More »

मातृ नवमी कब है? | When is Matru Navami?

मातृ नवमी कब है? मातृ नवमी 2026 में 5 अक्टूबर, सोमवार को है। यह पितृ पक्ष की नवमी तिथि होती है और इस दिन विशेष रूप से दिवंगत माताओं तथा परिवार की महिला पूर्वजों का श्राद्ध और स्मरण किया जाता है। मातृ नवमी को कई स्थानों पर अविधवा नवमी के नाम से भी जाना जाता

मातृ नवमी कब है? | When is Matru Navami? Read More »

मातृ नवमी क्या है? | What is Matru Navami?

मातृ नवमी क्या है? मातृ नवमी पितृ पक्ष की एक महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। इस दिन विशेष रूप से परिवार की दिवंगत माताओं, दादियों, नानियों और अन्य महिला पूर्वजों का स्मरण और श्राद्ध किया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार मातृ नवमी पितृ पक्ष की नवमी तिथि को आती है। इसे कई स्थानों पर

मातृ नवमी क्या है? | What is Matru Navami? Read More »

माता-पिता दोनों का श्राद्ध | Shradh of both parents

माता-पिता दोनों का श्राद्ध माता-पिता हमारे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उनके निधन के बाद हिंदू परंपरा में श्राद्ध और तर्पण के माध्यम से उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया जाता है। जब माता और पिता दोनों का निधन हो चुका हो, तो परिवार के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि माता-पिता दोनों

माता-पिता दोनों का श्राद्ध | Shradh of both parents Read More »

एक से अधिक लोगों का श्राद्ध | Shraddha of more than one person

एक से अधिक लोगों का श्राद्ध कई परिवारों में एक से अधिक दिवंगत परिजनों का श्राद्ध एक साथ करने की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसा तब हो सकता है जब परिवार में अलग-अलग लोगों की मृत्यु तिथियां एक ही दिन आती हों, किसी कारण से पहले श्राद्ध नहीं हो पाया हो या कई पूर्वजों की

एक से अधिक लोगों का श्राद्ध | Shraddha of more than one person Read More »

विदेश में रहने वाले व्यक्ति द्वारा श्राद्ध | Shradh by a person living abroad

विदेश में रहने वाले व्यक्ति द्वारा श्राद्ध आज के समय में बहुत से लोग नौकरी, पढ़ाई या व्यवसाय के कारण विदेश में रहते हैं। ऐसे में जब पितृ पक्ष आता है, तो उनके मन में सवाल होता है कि विदेश में रहने वाला व्यक्ति श्राद्ध कैसे करे? क्या श्राद्ध केवल भारत में ही किया जा

विदेश में रहने वाले व्यक्ति द्वारा श्राद्ध | Shradh by a person living abroad Read More »

विदेश में मृत्यु होने पर श्राद्ध | Shradh in case of death abroad

विदेश में मृत्यु होने पर श्राद्ध आज के समय में बहुत से लोग पढ़ाई, नौकरी या व्यवसाय के लिए विदेश में रहते हैं। ऐसे में कभी-कभी किसी परिवार के सदस्य की मृत्यु भी विदेश में हो जाती है। ऐसी स्थिति में परिवार के सामने अंतिम संस्कार के साथ-साथ विदेश में मृत्यु होने पर श्राद्ध कब

विदेश में मृत्यु होने पर श्राद्ध | Shradh in case of death abroad Read More »

×